जेजू आइलैंड के लिए नई ट्रैवल गाइडलाइंस (Picture Credit- AI Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इस समय साउथ कोरिया का जेजू आइलैंड काफी चर्चा में बना हुआ है। दरअसल, एक मशहूर भारतीय ट्रैवल व्लॉगर को जेजू आइलैंड में एंट्री न मिलने और वापस भेजने को लेकर यह जगह सुर्खियों में बनी हुई है।
इस घटना के बाद, सियोल स्थित भारतीय दूतावास ने जेजू आइलैंड जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए एक नई और सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले और नई गाइडलाइंस के बारे में विस्तार से-
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, बात दिसंबर की है, जब एक भारतीय व्लॉगर अपनी पत्नी के साथ छुट्टियां मनाने जेजू आइलैंड पहुंचे। उनके पास वापसी की टिकट, होटल की बुकिंग और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सभी जरूरी चीजें थीं, लेकिन बावजूद इसके वहां मौजूद इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनकी यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट न मानते हुए उन्हें आइलैंड में एंट्री देने से मना कर दिया। व्लॉगर ने बताया कि उन्हें एक रात के लिए \“जेल जैसी\“ जगह (डिटेंशन सेंटर) में रखा गया और अगले दिन महंगी टिकट खरीदकर वापस लौटना पड़ा।
Advisory for Indian Nationals Travelling to Jeju Island (Republic of Korea)@MEAIndia @IndianDiplomacy @Dasspake pic.twitter.com/iwCVohFmHt — India in ROK (@IndiainROK) February 24, 2026
भारतीय दूतावास की नई एडवाइजरी
इस घटना के बाद एंबेसी ने यह साफ किया कि \“वीजा-फ्री\“ (Visa-Free) एंट्री का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको एयरपोर्ट पर बिना चेकिंग के एंट्री मिल जाएगी। आखिरी फैसला हमेशा इमिग्रेशन अधिकारियों का ही होता है। अगर आप जेजू आइलैंड जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन नियमों का पालन जरूर करें:
- डॉक्यूमेंट्स की हार्ड कॉपी रखें: अपने फोन के साथ-साथ सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स का प्रिंटआउट जरूर रखें। इसमें कन्फर्म रिटर्न टिकट, होटल की बुकिंग और दिन के हिसाब से आपका पूरा टूर प्लान (Itinerary) शामिल होना चाहिए।
- पैसों का सबूत: आपके पास ट्रिप के दौरान खर्च करने के लिए पर्याप्त पैसे होने चाहिए। इसके प्रूफ के लिए बैंक स्टेटमेंट, इंटरनेशनल डेबिट/क्रेडिट कार्ड या विदेशी करेंसी (कैश) साथ रखें।
- पासपोर्ट और इंश्योरेंस: पासपोर्ट की वैलिडिटी कम से कम 6 महीने होनी चाहिए। साथ ही, ट्रैवल इंश्योरेंस करवाना बहुत जरूरी है।
- पूछताछ के दौरान शांत रहें: नई एडवाईजरी में यह भी बताया गया कि इमिग्रेशन अधिकारी आपसे आपकी यात्रा को लेकर सवाल कर सकते हैं। उन्हें शांत रहकर अपने टूर प्लान के बारे में साफ और सही जानकारी दें। अगर वे आपके जवाबों से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो आपको एंट्री देने से मना किया जा सकता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
जेजू आइलैंड की वीजा-फ्री सुविधा सिर्फ उसी आइलैंड के लिए है। इसका मतलब है कि इस सुविधा के जरिए आप दक्षिण कोरिया के अन्य शहरों जैसे सियोल आदि में नहीं जा सकते। बिना सही वीजा के ऐसा करना गैरकानूनी माना जाएगा।
एंट्री न मिलने पर क्या होगा?
अगर इमिग्रेशन अधिकारी आपको एंट्री नहीं देते हैं, तो आपको अगली ही फ्लाइट से वापस भेज दिया जाएगा। फ्लाइट के समय के आधार पर आपको कुछ समय के लिए डिटेंशन सेंटर में भी रुकना पड़ सकता है।
इसके अलावा यह भी ध्यान दें कि भारतीय दूतावास वहां के इमिग्रेशन के फैसले को बदल नहीं सकता, लेकिन डिटेंशन सेंटर में मौजूद किसी भारतीय की मदद करने का प्रयास करेगा। इसके लिए इमरजेंसी नंबर भी जारी किए गए हैं।
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