क्रिप्टो निवेश का झांसा देकर डकैती को अंजाम देने वाले बदमाश।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर एक बीटेक छात्र से उसकी स्कालरशिप की रकम लूटने वाले हथियारबंद गिरोह को बाहरी जिला पुलिस ने 48 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पश्चिम विहार ईस्ट थाना पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना समेत सात आरोपितों को दबोचते हुए लूटी गई नकदी, पिस्तौल, कारतूस, वाहन और इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद किए हैं।
उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि 22 फरवरी पश्चिम विहार ईस्ट थाने में पीसीआर काल के माध्यम से सूचना मिली थी कि मेट्रो स्टेशन के पास एक युवक से बंदूक की नोक पर डकैती की गई है। जांच में सामने आया कि पीड़ित द्वारका स्थित नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी संस्थान का बीटेक का छात्र है, जिसे हाल ही में 2 लाख रुपये की स्कालरशिप मिली थी। वह उस रकम को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना चाहता था।
क्रिप्टो निवेश का झांसा देकर डकैती को अंजाम देने वालों से बरामद सामान।
छात्र को इंस्टाग्राम पर सस्ते दामों पर क्रिप्टोकरेंसी उपलब्ध कराने का विज्ञापन दिखा। संपर्क करने पर वॉट्सएप कॉल के जरिए बातचीत हुई और 22 फरवरी को पास्चिम विहार ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास मिलने का समय तय किया गया।
छात्र अपने दो दोस्तों के साथ तय स्थान पर पहुंचा, तभी एक आरोपित कार में घुस आया और पिस्तौल दिखाकर धमकाया, जबकि 5–6 अन्य आरोपितों ने बाहर से कार घेर ली। डर के माहौल में 1.83 लाख की नकदी लूटकर सभी फरार हो गए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व निरीक्षक राजपाल, प्रभारी स्पेशल टास्क फोर्स ने किया।
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 24 फरवरी को नरेला से दो आरोपितों कराला निवासी अमित उर्फ रेसर और प्रीतपाल उर्फ अनम को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से नकदी, पिस्तौल, कारतूस, कार, स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद हुए।
इन्ही की निशानदेही पर पुलिस ने रोहिणी निवासी अभय उसके घर गिरफ्तार कर लिया। आगो की जांच में पता चला कि इस डकैती में बुध विहार के तीन सगे भाई भी शामिल हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस ने उन तीनों निशांत उर्फ निखिल, शिवम उर्फ गोलू और हर्ष उर्फ हेंसी को भी 24 फरवरी को रोहिणी से गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से नकदी, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
चावल व्यवसायी निकला मास्टरमाइंड, नुकसान के बाद करने लगा ठगी
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड सदर बाजार निवासी अमित जैन है। उसने दुबई में चावल निर्यात के व्यवसाय में करीब 62 लाख रुपये का नुकसान होने के बाद फर्जी इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज बनाकर लोगों को सस्ते क्रिप्टोकरेंसी का लालच देना शुरू किया।
उसने अन्य छह आरोपितों को शामिल कर गैंग बनाया। इसमें अमित पहले भी जबरन वसूली के मामलों में शामिल रहा है। तीनों भाइयों ने डकैती में शामिल होने के लिए 10 -10 हजार रुपये लिए थे। पुलिस ने अमित जैन को सदर बाजार से गिरफ्तार कर उसके पास से लूटी हुई रकम में से 49 हजार नकद, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए।
पुलिस के अनुसार सभी सातों आरोपितों से कुल 1.45 लाख नकद, एक अत्याधुनिक पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, एक कार, एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, एक लैपटाप और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी पाया गया कि यह गिरोह पहले नेताजी सुभाष प्लेस, बुध विहार और शाहबाद डेयरी क्षेत्रों में इसी तरह की डकैती की घटनाओं में शामिल रहा है।  |