अहमदाबाद। गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से दो लोग जम्मू-कश्मीर गए थे, जहां उन्होंने कथित रूप से हथियार चलाने और अन्य आतंकी गतिविधियों से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को मेहसाणा जिले की कड़ी अदालत में पेश किया गया, जहां आगे की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है।
ATS के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों को एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में रहकर विभिन्न प्रकार की कथित आतंकी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया था। एजेंसी इन दावों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों, जब्त सामग्री और फोरेंसिक रिपोर्ट का विश्लेषण कर रही है।
विस्फोटक तैयार करने का प्रशिक्षण मिलने का दावा
ATS अधिकारियों के अनुसार जांच में यह जानकारी सामने आई है कि दो संदिग्धों ने जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर AK-47 राइफल चलाने का प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा उन्हें विस्फोटक तैयार करने और जहरीली गैस से जुड़े तरीकों की जानकारी भी दी गई थी। एजेंसी का दावा है कि प्रशिक्षण के दौरान कई प्रकार की कथित आतंकी तकनीकों के बारे में बताया गया।
हालांकि इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही हैं।
विदेशी हैंडलर से संपर्क की जांच
ATS के अनुसार पूरे मॉड्यूल का संचालन कथित रूप से विदेश में बैठे एक हैंडलर "अब्दुल्ला" के निर्देश पर किया जा रहा था। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या उनके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों ने गुजरात के वडोदरा में भी कुछ लोगों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया था। इस पहलू की भी अलग से जांच की जा रही है।
आठ स्थानों पर परीक्षण करने का दावा
जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर आठ अलग-अलग स्थानों पर विस्फोट संबंधी परीक्षण किए थे। ATS ने घटनास्थलों से कुछ रासायनिक पदार्थों और तारों सहित अन्य सामग्री बरामद करने का दावा किया है, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
अधिकारियों के अनुसार बरामद वस्तुओं की वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था।
वाहन खरीदने और संभावित लक्ष्य तलाशने का आरोप
ATS के मुताबिक आरोपियों को उनके कथित हैंडलर की ओर से करीब तीन लाख रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इन पैसों से एक कार और एक मोटरसाइकिल खरीदी गई, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर विभिन्न स्थानों की रेकी करने के लिए किया जा रहा था।
जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी अहमदाबाद में एक संभावित स्थान की निगरानी कर रहे थे। हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी।
कट्टरपंथी साहित्य और डिजिटल सामग्री भी बरामद
ATS ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी पुस्तकें और डिजिटल दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार इन सामग्रियों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या इनके माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
ATS ने कहा है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

National Desk
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