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गुरुग्राम में टाटा कंपनी के काम पूरा न करने से उपभोक्ता परेशान, बिजली निगम की हो रही किरकिरी

Chikheang 2025-10-11 18:36:48 views 1243
  

डूंडाहेड़ा बार्डर स्थित सुर्याविहार सोसायटी के सामने लटकते बिजली के तार। जागरण

टाटा कंपनी के काम पूरा न करने से उपभोक्ता परेशान, बिजली निगम की हो रही किरकिरी

महावीर यादव. जागरण

बादशाहपुर : बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने आठ साल पहले बिजली लाइनों को भूमिगत करने की योजना बनाई। टाटा कंपनी को आठ साल पहले टेंडर दिया गया। लेकिन काम आज तक भी पूरा नहीं हो पाया। इसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। आधे अधूरे काम में लटकते तार हादसों का पर्याय बन रहे हैं। बिजली निगम की इसके कारण किरकिरी हो रही है।

डूंडाहेड़ा बार्डर पर सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवीए की लाइन का तार टूटकर गिरने से बड़ा हादसा होने से टल गया। बार्डर पर सिटी बस ब्रेकडाउन थी। उसमें मैकेनिक काम कर रहा था। लाइन का तार टूट कर बस पर गिरने के बाद बस में हल्का करंट आ गया और टायरों में आग लग गई। बस में काम कर रहे मैकेनिक ने बस से कूद कर अपनी जान बचाई।

बिजली निगम ने बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए 580 फीडर भूमिगत करने का निर्णय लिया था। 2017 में 1135 करोड़ रुपये का चार कंपनियों को टेंडर दिया गया। दो टेंडर टाटा कंपनी को दिए गए। एक टेंडर विद्या टैलीलिंक को और एक एलएंडटी कंपनी को दिया गया। विद्या टैलीलिंक और एलएंडटी ने अपना काम पूरा कर दिया। टाटा कंपनी के दोनों प्रोजेक्ट का काम अभी तक लटका हुआ है। जिस लाइन पर हादसा हुआ। वह लाइन टाटा कंपनी ने भूमिगत करनी थी। पहले यह मारुति सबडिवीजन के अंतर्गत आता था। बाद में मारुति सब डिवीजन में से कुछ क्षेत्र अलग कर सेक्टर-23 सबडिवीजन बना दिया गया। काम में देरी पर बिजली निगम ने टाटा के विरुद्ध कार्रवाई की तो टाटा कंपनी जून 2024 में अदालत में चली गई।



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मारुति सब डिवीजन में होना था यह काम



239.52 करोड़ रुपये का टेंडर दिया था 29 सितंबर 2017 को टाटा कंपनी को





110 फीडर टाटा कंपनी ने करने थे भूमिगत



83 फीडर थे औद्योगिक और शहरी फीडर के शामिल



27 फीडर इसमें शामिल थे इंडिपेंडेंट



103 का काम टाटा कंपनी ने कर दिया पूरा



77 फीडर शहरी और औद्योगिक क्षेत्र के हो चुके हैं पूरे





26 फीडर पूरे हो चुके हैं इंडिपेंडेंट फीडर



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स्मार्ट सिटी डिवीजन को इस लाइन को भूमिगत करने के लिए कई बार आग्रह किया गया है। लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। अगर बिजली निगम ने पहले ही आवश्यक कदम उठाए होते तो ऐसी घटना को टाला जा सकता था।



राजेश गेरा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए, सुर्याविहार सोसायटी



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संबंधित एसडीओ को इसमें तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से इस पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है।



वीके अग्रवाल, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
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