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ओडिशा में पूंजी निवेश के नाम पर 1000 करोड़ की धोखाधड़ी, 3 लाख से अधिक निवेशकों को लगाया चूना; एक गिरफ्तार

cy520520 2025-10-20 05:06:09 views 865
  

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)



जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। 11 प्रतिशत से 18 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच दिखाकर ओडिशा समेत 10 राज्यों के लोगों से 1000 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोप में ईओडब्ल्यू ने कटक जिले के बयालिस मौजा क्षेत्र के निवासी प्रताप कुमार राउत (42) को गिरफ्तार किया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

शिकायतकर्ता निवेशक विजय कुमार पाणिग्राही के अनुसार, उन्होंने ‘हेड्जेक्स फंड एलएलपी’ में 92 लाख 60 हजार रुपये का निवेश किया था। इस कंपनी के ओडिशा प्रमुख प्रताप कुमार राउत ने उन्हें 11 प्रतिशत से 18 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच दिखाकर निवेश करने के लिए कहा था।

राउत की बातों में आकर उन्होंने दिए गए बैंक खाते में पैसा जमा कर दिए। लेकिन कुछ समय बाद कंपनी अचानक बंद हो गई और वह अपनी जमा राशि वापस नहीं निकाल पाए। जब उन्होंने प्रताप से संपर्क किया, तो वह केवल झूठे आश्वासन देता रहा।

जांच में पता चला है कि प्रताप राउत ओडिशा में कंपनी के लिए निवेश जुटाने का काम करता था। वह कई बैंक खातों, नकद लेन-देन और हवाला एजेंटों के जरिए भारी मात्रा में धन एकत्रित करता था।

करोड़ों रुपये जमा होने के बाद कंपनी अचानक बंद कर दी गई। कंपनी बंद होने के बाद राउत ने निवेशकों को कंपनी के मुख्य सहयोगी दिनेश कुमार जैन से संपर्क कराने का वादा किया और पैसे लौटाने की बात कही, लेकिन कोई पैसा वापस नहीं किया गया। इसके बाद विजय ने ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई।

यह भी सामने आया है कि कंपनी वर्ष 2023 में गोवा में आरओसी में पंजीकृत हुई थी, लेकिन उसने आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली और ओडिशा सहित 10 राज्यों में काम किया।

करीब 3 लाख से अधिक निवेशक इसमें जुड़े हुए थे। ठगी की कुल राशि 1000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। सिर्फ ओडिशा के 12,000 से अधिक निवेशकों के लगभग 139 करोड़ रुपये इसमें फंसे हुए हैं।

हेड्जेक्स ने दो वर्षों (2023-24) में कौशल्या फाउंडेशन, लाव्या वर्ल्ड, फ्रीक्स मार्केट, लाव्या इंटरनेशनल आदि कई सहयोगी संस्थाएं बनाकर लोगों को धोखा दिया। कंपनी के साझेदार और अन्य अधिकारी तीसरे पक्ष के खातों का उपयोग कर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे।

हवाला एजेंटों के माध्यम से करोड़ों रुपये नकद एकत्र किए गए, जिनका संचालन प्रताप कुमार राउत करता था। फिलहाल प्रताप को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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