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भारत निर्वाचन आयोग की अगुवाई में सम्मेलन। (फाइल)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकतंत्र को अपनी पारदर्शी चुनावी प्रक्रियाओं के जरिए सशक्त बनाने में जुटे दुनिया भर के 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों का बुधवार से अगले तीन दिनों तक दिल्ली में जमावड़ा रहेगा। इस दौरान वह न सिर्फ अपनी बेहतर चुनावी प्रक्रियाओं व नवाचार को सभी के साथ साझा करेंगे बल्कि चुनावी प्रक्रिया के सामने खड़ी होकर चुनौतियों से निपटने के लिए भी मिलकर समाधान खोजेंगे।
इस बीच दुनिया भर के चुनावी प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग की अगुवाई में नई दिल्ली के भारत मंडपम में 21 से 23 जनवरी के बीच आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन में दुनिया के 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही चुनावी सुधार और लोकतंत्र की मजबूती से जुड़े कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के भी प्रतिनिधि में इसमें हिस्सा लेंगे।
आयोग के मुताबिक सम्मेलन में करीब सौ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि चुनाव सुधार से जुड़े अपने नवाचारों को साझा करेंगे, वहीं चुनावों को भविष्य में कैसे और भी पारदर्शी बनाया जा सकता है, इसे लेकर भी गठित विशेषज्ञ समूह चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में पहली बार आइआइटी, आइआइएम, नेशनल ला यूनिवर्सिटी और आइआइएमसी जैसे शीर्ष संस्थानों को भी शामिल किया गया है। राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भी अलग-अलग विषयों पर अपने एक प्रस्तुति देंगे।
चुनाव आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर शुरू की गई मुहिम को आयोग इस दौरान वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर बताएगा कि इस पहल से चुनावी पारदर्शिता को कैसे मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही ईवीएम व वीवीपैट, फेक न्यूज, फेक नेरेटिव व चुनावों में धनबल के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रस्तुति दी जाएगी। |
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