संवाद सूत्र, कबरई (महोबा)। शासनादेश के बाद भी जिले के खनन एवं क्रशर उद्योग को 24 घंटे में महज 12 से 14 घंटे बिजली देने में यूपीपीसील के चेयरमैन के आदेश पर विद्युत विभाग के एसडीओ व दो जेई को निलंबित किया गया है। वहीं 10 संविदा कर्मी को सेवामुक्त कर दिया गया। सख्ती के बाद वर्तमान में उद्योग को 21 घंटे आपूर्ति मिलने लगी है। जिससे कारोबारियों ने राहत की सांस ली है।
खनन एवं स्टोन क्रशर उद्योग में करीब एक लाख लघु उद्यमियों, युवाओं, श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। वहीं विद्युत बिल, खनिज और जीएसटी के रूप में शासन को करोड़ों का राजस्व भी मिल रहा है। खनन एवं क्रशर यूनियन के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी ने बताया कि जिले के कुल विद्युत वसूली का 95 प्रतिशत तक का भुगतान क्रशर उद्योग से प्राप्त होता है।
12 से 14 घंटे की ही हो रही थी विद्युत आपूर्ति
इसके बाद भी मात्र 12 से 14 घंटे की ही विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। इससे परेशान प्रतिनिधि मंडल के देवेंद्र मिश्र, हरि बक्स सिंह, रूपेंद्र सिंह आदि ने यूपीपीसीएल चेयरमैन आशीष गोयल से लखनऊ स्थित शक्ति भवन में भेंट की और समस्या से अवगत कराया।
इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने 12 जनवरी को दक्षिणांचल के विद्युत अधिकारियों एवं यूनियन प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। जिसमें नियमानुसार विद्युत आपूर्ति न करने पर औद्योगिक क्षेत्र के उपखंड अधिकारी नवीन कुमार, अलीपुरा फीडर के जेई केतकार सिंह, पहरा के संतोष कुमार को निलंबित व ग्राम डहर्रा, पहरा और अलीपुरा के 10 संविदा कर्मी लाइनमैन को सेवा मुक्त करने का आदेश दिया।
क्रशर उद्यमी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में क्रशर उद्योग के सभी फीडर में 21 घंटे आपूर्ति प्राप्त हो रही है। आपूर्ति दौरान होने वाली ट्रिपिंग में भी कमी आने से मशीनरी में होने वाले नुकसान से भी राहत मिली है। विभाग के अधीक्षण अभियंता लक्ष्मीशंकर ने बताया कि चेयरमैन के आदेशानुसार सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। |
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