संजय सिंह, जयसिंहपुर (सुलतानपुर)। मिड-डे-मील के लिए अलग से रसोई घर और साफ-चमकदार परिसर। लकदक विद्यालय भवन। हम किसी कांवेंट स्कूल की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि जिले के सराय कादीपुर स्थित सरकारी स्कूलों की बात कर रहे हैं। हीन भावना से देखे जाने वाले सरकारी स्कूलों का हुलिया बदला गांव की महिला प्रधान ने। अब यह सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने लगा है। इस बदलाव से अभिभावकों में खुशी का माहौल है और वे प्रधान व शिक्षकों के कार्यों की सराहना कर रहे हैं।
सुलतानपुर व अंबेडकरनगर जिले की सीमा पर स्थित पिछड़ी ग्राम पंचायत सराय कादीपुर की प्रधान लक्ष्मी सिंह खुद स्नातक हैं। प्रधान बनने के बाद उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता दी। सबसे पहले ब्लाक स्तर पर पैरवी कराकर गाम पंचायत में स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में चहारदीवारी का निर्माण कराया, मुख्य द्वार पर गेट लगवा रंग-रोगन कराया। परिसर में फूल-पौधे लगवाकर स्कूलों को सुसज्जित किया गया।
इससे विद्यालय का वातावरण पूरी तरह बदल गया और वहां पहुंचते ही सकारात्मक माहौल का अहसास होता है। पहले गोवंशीय पशुओं व असामाजिक तत्वों के कारण पढ़ाई में बाधा आती थी, जिससे अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते थे। वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय में 67 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में 106 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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मेन्यू के अनुसार बनता है भोजन
दोनों विद्यालय में जहां मेन्यू के अनुसार बच्चाें को दोपहर का भोजन दिया जाता है तो वहीं कमजोर बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए उन्होंने शिक्षकों को अलग से पढ़ाने की हिदायत दे रखी है।
दो गुना हो गई छात्रों की संख्या
2020 में प्राथमिक विद्यालय सराय कांदीपुर में बच्चों की संख्या में 31 थी, आज 67 है। जबकि, उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की संख्या 55 थी आज 106 है।इस विद्यालय के छात्र न्याय पंचायत व ब्लाक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में ओवर आल चैंपियन रहते हैं। अभी हाल ही में लखनऊ में हुए आयोजन में इस विद्यालय के छात्र हिस्सा ले चुके हैं। क्विज की कई प्रतियोगिताओं का भी खिताब जीत चुके हैं।
प्रधानाध्यापकों ने जताया आभार
प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजयपाल व उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राहुल कुमार जायसवाल ने बताया कि प्रधान लक्ष्मी सिंह व उनके पति जीत बहादुर सिंह के सहयोग से विद्यालय आज दिन कान्वेंट को टक्कर दे रहा है।
पहल सराहनीय खंड शिक्षा अधिकारी सुधीर सिंह ने कहा कि जिले की सीमा पर स्थित ये दोनों विद्यालय अब अच्छे विद्यालयों में गिने जाते हैं। ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा शिक्षा को प्राथमिकता देना सराहनीय पहल है। |
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