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चाय का स्वाद ऐसा कि मीलों दूर से चुस्कियां लेने आते हैं लोग, दुकान पर लग जाती है पीने वालों की भीड़

LHC0088 2025-11-17 10:37:03 views 492
  

चाय का स्वाद चखने दूर से आते हैं लोग।



देवेंद्र सिंह परिहार, अमेठी। आपने कभी ऐसी चाय पी है, जो पहली ही चुस्की में दिल जीत ले, जी हां गौरीगंज शहर स्थित किट्टू की कुल्हड़ चाय हर चाय प्रेमी के सिर चढ़कर बोल रहा है। खास मसालों से बनी इस चाय का स्वाद दूर दूर से लोगों को यहां खींच लाती है। दुकान पर लोगों की भीड़ जमा रहती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

शहर में चाय के नाम पर हर जुबान पर बस एक ही नाम किट्टू की चाय। दूर दराज जो भी लोग शहर आते हैं, शायद ही कोई बिना किट्टू की चाय पीए बिना वापस जाए।

यूं तो चाय हर आम व खास के घर बनती है। लेकिन, शहर स्थित एक दुकान पर बनी चाय की कुछ अलग बात है। हम बात कर रहे हैं गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास स्थित किट्टू के चाय की। शहर के पास स्थित सकरावां गांव के अमित सिंह 2021 के पहले पूणे में मेनलाइन चाइना रेस्टोरेंट में असिस्टेंट मैनेजर पद पर तैनात थे। लेकिन, कोरोना की दूसरी लहर में इन्हें सब कुछ छोड़कर घर वापस लौटना पड़ा।

कोरोना काल खत्म होने पर पत्नी प्रिया सिंह के सुझाव पर शहर में बेटी किट्टू के नाम पर चाय की दुकान खोली, जिसका नाम रखा किट्टू की तंदूरी चाय। पत्नी द्वारा बताई गई रेसिपी से चाय बनानी शुरू की, जो लोगों को खूब पसंद आने लगी।

धीरे धीरे दुकान चल पड़ी और शहर के लोगों को चाय की ऐसी लत लगी कि उबलते दूध में जैसे ही स्पेशल चाय पत्ती और मसाले डलते हैं उसकी महक चाय के दीवानों को बेकाबू कर देती है।

भगौने से छनकर जब चाय कुल्हड़ में उतरती है तो पीने वालों की लाइन लग जाती है। यहां शहर के लोगों के साथ ही बाजारशुकुल, फुरसतगंज, अमेठी, मुसाफिरखाना के साथ ही अन्य स्थानों से लोग चाय पीने आते हैं। वहीं अधिकारियों व नेताओं को भी यहां की चाय खूब भाती है। यहां की प्रमुख चाय तंदूरी चाय, अदरख वाली चाय, रोस्टेड चाय, हल्दी वाली चाय प्रमुख हैं।
बढ़ती जा रही चाय के दीवानों की संख्या

किट्टू की चाय के दीवानों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। दुकानदार की माने तो प्रतिदिन चार सौ से अधिक कुल्हड़ के चाय की खपत होती है। सुबह शाम चाय पीने वालों की भीड़ लगती है।
चार लोगों को दिया रोजगार

  • दुकान पर चार लोगों को रोजगार भी मिला है, जो दुकान चलाने में हाथ बंटाते हैं।
  • बन मक्खन व वड़ा पाव का भी मिलता है लुप्त।
  • किट्टू की चाय के साथ ही बन मक्खन, ब्रेड पकौड़ा व वड़ा पाव को भी लोग पसंद करते हैं।
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