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यूपी के एक लाख 40 हजार किसानों की बढ़ेंगी मुश्‍क‍िलें, इस वजह से सरकारी योजनाओं के लाभ से हो सकते हैं वंच‍ित

Chikheang 2026-1-2 19:57:50 views 748
  

सांकेत‍िक तस्‍वीर।



जागरण संवाददाता, अमेठी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के बावजूद फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले एक लाख 40 हजार किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फार्मर रजिस्ट्री कार्य में जिला 54 वें नंबर पर है। जिले में दो लाख 41 हजार 164 किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिला है, जो अगस्त में मिली सम्मान निधि की संख्या से लगभग 23 हजार कम है।

आने वाले समय में फार्मर रजिस्ट्री न कराना भी पीएम किसान में आड़े आ सकता है। यही नहीं किसानों को कृषि संबंधित सरकारी योजनाओं और सेवाओं जैसे खाद-बीज खरीद, उद्यान विभाग से दी जाने वाली योजनाएं, किसान क्रेडिट कार्ड आदि का लाभ भी नहीं मिलेगा, मिट्टी जांच और फसल परामर्श सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा और भविष्य में लागू होने वाली योजनाओं और सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  
किसान फार्मर रजिस्ट्री के फायदे

किसानों को ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकार्ड देना पड़ता है। फार्मर रजिस्ट्री होने से उनके आधार नंबर को संबंधित एप पर डालकर पूरा विवरण देखा जा सकेगा, इससे किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उनके क्रियान्वयन में शासन के विभिन्न विभागों को आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत मिलेगी। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति देने के लिए किसानों को चिन्हित करने में आसानी होगी।
फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाने के मुख्य कारण


बीते लगभग दो वर्ष से अधिक समय से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य हो रहा है। इस कार्य की जिम्मेदारी कृषि विभाग के कर्मी और राजस्व लेखपालों को सौंपी गई थी। इसके अलावा सीएससी (जन सेवा केंद्र) संचालकों को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व में फार्मर रजिस्ट्री के लिए गांव-गावं शिविर आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया गया। लेकिन, नेटवर्क समस्या व साइट धीमा चलने होने की वजह से बड़ी संख्या में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।

अभियान समाप्त होते ही राजस्व लेखपाल और कृषि विभाग के जिम्मेदार फार्मर रजिस्ट्री का कार्य भूल गए। किसानों में जागरूकता का अभाव भी समस्या बना है। अभी भी जिले में लगभग एक लाख 40 हजार से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य बकाया है।फार्मर रजिस्ट्री के लिए बचे किसानों में बड़ी संख्या उन किसानों की है, जो रोजी रोटी के सिलसिले में बाहर हैं या अभिलेखों में मिसमैच के चलते फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।

  


जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे किसान किसी भी जन सुविधा केंद्र पर पहुंचकर आधार कार्ड, मोबाइल और अपने भूमि संबंधी सभी अभिलेख के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। किसानों से अपील है कि वे जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्री करा लें। अन्यथा कई जरूरी सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे।- सत्येंद्र कुमार तिवारी, उपकृषि निदेशक
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