गो-तस्करी के संदेह में भीड़ द्वारा दो युवकों की पिटाई और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने का सनसनीखेज मामला।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में मंगलवार सुबह गो-तस्करी के संदेह में भीड़ द्वारा दो युवकों की पिटाई और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पर पुलिस जांच में पता चला है कि पीड़ित युवक घटना के समय वैध रसीद के साथ भैंस का मांस सप्लाई कर लौट रहे थे।
डीसीपी शरद भास्कर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार सुबह जनकपुरी थाना पुलिस को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि ए-1 जनकपुरी स्कूल के पास जनता ने संदिग्ध गो-तस्करों को पकड़ा है और उन्हें नजफगढ़ की ओर ले गए हैं।
सूचना मिलते ही स्थानीय टीम मेजर दीपक त्यागी मार्ग पहुंची, वहां उन्हें सड़क किनारे एक आई 10 कार बेहद क्षतिग्रस्त हालत में मिली। वहीं दो घायल युवक मिले जिनकी पहचान अमान और मोहम्मद इरफान के रूप में हुई।
घटना के चश्मदीद और कॉलर निर्मल ने पुलिस को बताया कि जब वह वहां से गुजर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि 3-4 लोग दो युवकों को बेरहमी से पीट रहे थे और उनकी कार में तोड़फोड़ कर रहे थे।
पूछताछ में सामने आया कि ये दोनों युवक रोजाना गाजीपुर बूचड़खाने से ख्याला और बिंदापुर की तीन दुकानों में भैंस के मांस की सप्लाई करते हैं। पुलिस को उनके पास से 6 जनवरी 2026 की एमसीडी स्लॉटर हाउस की वैध रसीद भी मिली है, जो पीड़ित अमान के भाई नबील के नाम जारी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, युवक मीट की सप्लाई देकर घर लौट रहे थे, तभी विशाल और गोपाल नामक दो व्यक्तियों ने उन्हें रोका। गो-तस्करी के संदेह में उनके बीच बहस शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने दोनों युवकों की पिटाई कर दी और उनकी गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। दोनों घायलों को इलाज के लिए डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज करवाया गया है।
डीसीपी ने बताया कि तरुण सोलंकी, निरंजन पाठक, लोकेश और आशु जिन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों को रणहोला की ओर ले जाने की कोशिश की थी उनसे भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में अब सिर्फ चालान नहीं, जाना पड़ सकता है जेल; रॉन्ग ड्राइविंग पर पुलिस की सख्त कार्रवाई |