दिल्ली में एक-दूसरे के सामने तेजस्वी एवं तेज प्रताप।
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित सीबीआइ के विशेष न्यायालय परिसर में शुक्रवार को तेजस्वी यादव और तेजप्रताप आमने-सामने तो हुए, लेकिन बिना कुशल-क्षेम जाने-पूछे ही अपनी-अपनी राह निकल लिए।
नजरें दोनों की टकराईं, लेकिन उनमें उत्तर की अपेक्षा प्रश्न ही कौंधते रहे। एक-दूसरे से पूछे जाने वाले उन प्रश्नों की प्रतिस्पर्द्धा में ही दोनों के बीच का मनमुटाव अलगाव की हद तक पहुंचा हुआ है।
संजय यादव की तरफ देखा तक नहीं
इस मुलाकात के दौरान मीसा भारती भी थीं, जिनका हाल-चाल तेजप्रताप ने लपककर लिया, लेकिन संजय यादव की ओर आंखें तक नहीं उठाईं, जो तेजस्वी के साये की तरह साथ रहे।
इस बार राजद के चुनावी अभियान का ताना-बाना संजय यादव और रमीज खान ने ही बुना था। हालांकि, विधानसभा चुनाव से पहले ही तेजप्रताप को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने परिवार के साथ पार्टी से भी बेदखल कर दिया था।
तेजप्रताप बड़ी बहन मीसा भारती के सरकारी बंगले पर भी गए, जो उन्हें बतौर सांसद आवंटित है। वहां वे पिता लालू प्रसाद को दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिए।
पिता की तरह राजनीतिज्ञ बनने की लालसा
पटना में तेजप्रताप ने मकर संक्रांति पर यह भोज दिया है। पहले सत्ता के गलियारे में लालू भी ऐसा आयोजन किया करते थे, लेकिन बदली परिस्थितियों में उसे अनवरत नहीं रख पाए।
बताते हैं कि लालू की तरह राजनीतिज्ञ बनने की लालसा में तेजप्रताप उनकी चाल-ढाल का जब-तब अनुकरण भी करते हैं। उसी कड़ी में दही-चूड़ा का भोज भी है।
अभी यह तय नहीं कि लालू आतिथ्य स्वीकार करेंगे या नहीं, लेकिन तेजप्रताप को पूरा विश्वास है। पूछने पर उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि वे आएंगे और नहीं आने का कोई कारण भी नहीं।
वे राजनीतिज्ञ के साथ एक पिता भी हैं। तेजस्वी से मुलाकात की बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं हुई है। हालांकि न्योता के संबंध में उन्होंने कहा कि सबको न्योता भेजा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद लालू अभी मीसा भारती के आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे और मकर संक्रांति तक शायद ही पटना लौटें।
अलबत्ता एक-दो दिनों में तेजस्वी पटना आ सकते हैं। उसके बाद राजद की सांगठनिक गतिविधियां आगे बढ़ेंगी और चुनावी पराजय की समीक्षा भी सार्थक निष्कर्ष पर पहुंचेंगी। अंदरखाने भितरघातियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ सांगठनिक फेर-बदल की भी चर्चा है। |
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