राष्ट्रपति भवन की टिकट कैसे बुक करें और कब जाएं? बस एक क्लिक में जानें सबकुछ (Image Source: visit.rashtrapatibhavan.gov.in)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप दिल्ली घूमने का प्लान बना रहे हैं? आपकी लिस्ट में लाल किला, कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा और चांदनी चौक की गलियां जरूर होंगी। शायद आप लोधी गार्डन में टहलने या दिल्ली हाट में शॉपिंग करने का भी सोच रहे हों। लेकिन ठहरिये! अगर आपने Rashtrapati Bhavan नहीं देखा, तो आपकी दिल्ली यात्रा अधूरी है।
जी हां, सोचिए, कैसा लगेगा उन गलियारों में चलना जहां देश के राष्ट्रपति दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों से मिलते हैं? यह एक ऐसा अनुभव है जो आपको इंडिया गेट या किसी अन्य स्मारक पर नहीं मिल सकता। आइए, इस आर्टिकल में आपको बताते हैं राष्ट्रपति भवन की विजिट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी डिटेल (How to Visit Rashtrapati Bhavan)।
(Image Source: visit.rashtrapatibhavan.gov.in)
सिर्फ अमृत उद्यान ही नहीं, और भी बहुत कुछ है खास
अक्सर लोग सोचते हैं कि राष्ट्रपति भवन में सिर्फ प्रसिद्ध \“अमृत उद्यान\“ ही देखने लायक है, लेकिन असल में यह पूरा परिसर एक \“मिनी-सिटी\“ जैसा है। इसके अंदर किराने की दुकानें, एक मूवी हॉल और भी बहुत कुछ मौजूद है।
टूरिस्ट अब उन खास कमरों को भी देख सकते हैं जहां राष्ट्रपति दुनिया भर के दिग्गजों से मिलते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- अशोक मंडप
- गणतंत्र मंडप
- दामोदर (जिसे पहले अपर लॉजिया के नाम से जाना जाता था)
(Image Source: visit.rashtrapatibhavan.gov.in)
इतिहास और वास्तुकला का बेजोड़ नमूना
बता दें, राष्ट्रपति भवन का विचार 1911 में ब्रिटिश शासन के दौरान आया था, जब राजधानी को कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। इसके निर्माण की शुरुआत 1912 में हुई और यह 1929 में बनकर तैयार हुआ।
इसकी भव्यता के कुछ रोचक तथ्य:
- यह \“H\“ आकार की हवेली 5 एकड़ में फैली है।
- इसमें 4 मंजिलें और 340 कमरे हैं।
- यहां लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे गलियारे हैं।
इसके वास्तुकार एडविन लुटियंस थे। इमारत में सांची के स्तूप से प्रभावित गुंबद और बारीक जाली का काम देखने को मिलता है, जो भारतीय परंपरा की झलक पेश करता है।
(Image Source: visit.rashtrapatibhavan.gov.in)
देखने को मिलती है सोने-चांदी की कारीगरी
राष्ट्रपति भवन के अंदर कुछ ऐसे कमरे हैं जो आपको हैरान कर देंगे:
- अशोक मंडप: यहां विदेशी राजदूत अपने प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हैं। इसकी छत के केंद्र में फारस के शासक फतह अली शाह की लेदर पर बनी एक पेंटिंग है। इसकी खासियत यह है कि आप कमरे के किसी भी कोने में खड़े हों, शाह की आंखें आपको ही देखती हुई महसूस होंगी।
- ब्रह्मपुत्र (बैंक्वेट हॉल): इसे स्टेट डाइनिंग रूम भी कहा जाता है। यहां दीवारों पर सोने और चांदी के धागों से बनी \“जरदोजी\“ की शानदार सजावट है। यहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस. राधाकृष्णन और डॉ. जाकिर हुसैन जैसे पूर्व राष्ट्रपतियों की आदमकद ऑयल पेंटिंग लगी हैं।
- गणतंत्र मंडप: यह वही ऐतिहासिक जगह है जहां आजादी के बाद भारत सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था।
इसके अलावा, टूरिस्ट तुंगभद्रा (लॉन्ग ड्राइंग रूम) और सरयू (नॉर्थ ड्राइंग रूम) भी देख सकते हैं।
(Image Source: visit.rashtrapatibhavan.gov.in)
टिकट बुकिंग और समय
यहां जाना बहुत आसान है। एक टूर लगभग 45 मिनट का होता है।
- वेबसाइट: टिकट बुक करने के लिए visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाएं।
- कीमत: 50 रुपये प्रति व्यक्ति।
- समय: मुख्य भवन मंगलवार से रविवार तक सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुला रहता है।
- लास्ट एंट्री: शाम 4:00 बजे।
- जरूरी नियम: अंदर फोन या बैग ले जाने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा जांच की जाती है।
कैसे पहुंचें राष्ट्रपति भवन?
एंट्री राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 38 से होती है।
- मेट्रो: नजदीकी मेट्रो स्टेशन \“केंद्रीय सचिवालय\“ (1 किमी) और \“पटेल चौक\“ (2 किमी) हैं।
- बस: सबसे नजदीकी बस स्टॉप \“केंद्रीय टर्मिनल\“ है।
अगर आप इतिहास और खूबसूरती के दीवाने हैं, तो दिल्ली टूर के दौरान राष्ट्रपति भवन आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए।
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