मंगलवार को सुबह तीन बजे के आसपास एक मालगाड़ी आधे घंटे तक समपार के पास रुकी रही।
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। भागलपुर शहर का दक्षिणी क्षेत्र। लालूचक, इशाकचक, ईश्वरनगर, लोदीपुर, मिश्रा टोला, लीची बगान, ईश्वरनगर, इंद्रप्रस्थ कालोनी के लोगों को अपने घर से बाजार के लिए भी निकलना काफी मुश्किल हो गया था। पहले तो इस क्षेत्र के लोगों को बाहर जाने के लिए कई मार्ग थे, लेकिन भोलानाथ और बौंसी लाइन फ्लाइओवर निर्माण कार्य के कारण यह दोनों मुख्य मार्ग बंद हो गया है। इन लोगों को आने-जाने के लिए एक ही मार्ग बचता है वह है इशाकचक-भीखनपुर रेल लाइन को पार करके जाना।
यह रेलवे समपार काफी महत्वपूर्ण
भागलपुर रेलवे जंक्शन से एक-डेढ़ किलोमीटर पूर्व की ओर स्थित यह रेलवे समपार है। यह रेलमार्ग काफी महत्वपूर्ण है। इस रेल मार्ग से दर्जनों एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, राजधानी, तेजस के अलावा काफी संख्या में मालगाड़ियों का आवागमन होता है। इस कारण यहां का रेलवे समपार ज्यादातर समय बंद ही रहता है। चूंकि भागलपुर शहर के दक्षिणी क्षेत्र के कई मुहल्ले के लोगों के आवागमन का यही एक मार्ग है, काफी संख्या में लोग इसी रेलवे समपार होकर गुजरते हैं।
मार्ग है संकरा, जगह-जगह है अतिक्रमण
इशाकचक-भीखनपुर समपार के दोनों तरफ का मार्ग संकरा है। रास्ता भी अतिक्रमित है। रेलवे समपार पर फाटक बंद होने पर पांच मिनट में ही दोनों ओर भीषण जाम लग जाता है। लोग समपार क्रॉस भी नहीं हो पाते हैं कि फिर से रेलगाड़ी के आने की सूचना मिलती है और गेटमैन को फाटक बंद करना पड़ता है। एक बार इस मार्ग पर अगर आप फंस गए तो निकलने में कम से कम एक घंटा समय तो लग ही जाएगा।
मालगाड़ी के कारण होती है परेशानी
इस रेल मार्ग पर हमेशा रेलगाड़ियों का आना-जाना जारी रहता है। दूसरी ओर मालगाड़ी इसी जगह समपार के पास रुक जाती है। साहिबगंज, कहलगांव की ओर से आने वाली मालगाड़ियों को भागलपुर रेलवे जंक्शन पर जब जगह नहीं मिलती है, तो समपार के फाटक के पास ही मालगाड़ी को रोक दिया जाता है। लगभग सभी मालगाड़ी इसी जगह रुक जाती है। इसके बाद जंक्शन पर उस मालगाड़ी को आधे घंटे के बाद ही प्रवेश मिलता है। तब तक वह गाड़ी वहीं खड़ी रहती है। इस कारण रेलवे समपार का फाटक नहीं खुलता।
घंटों का समय हो जाता है बर्बाद
जाम में फंसे नीलेश ने कहा कि हमलोगों के लिए यही एक मार्ग है। रेल गाड़ियों के आने-जाने में हमें जो परेशानी हो रही है, उसे तो हमलोग झेल ही रहे हैं, लेकिन मालगाड़ी का इस जगह रुक जाना, किसी चुनौती से कम नहीं है। मालगाड़ी के रुकने से हमलोगों को घंटों का समय बर्बाद होता है। क्योंकि तब तक दोनों ओर लगभग आधे-आधे किलोमीटर तक जाम लग जाता है। रेल फाटक खुलने के बाद जाम समाप्त भी नहीं होता है कि फिर से फाटक बंद होने की सूचना मिलने लगती है। दूसरी ओर यहां कोई यातायात पुलिस भी तैनात नहीं है, जिससे जाम को जल्दी से हटाया जा सके। अक्सर यहां आपस में विवाद होता भी होता है।
गेटमैन से अक्सर होती है बहस
घंटों तक जाम में फंसे रहने वाले लोग बीच-बीच में आक्रोशित हो जाते हैं। हल्ला होता है। आंदोलन की धमकी दी जाती है। गेटमैन से लोग बहस करते हैं। गेटमैन भी इन लोगों से काफी डरे-सहमे महसूस कर रहे हैं। गेटमैन ने कहा कि हमलोग खुद चाहते हैं कि कम से कम मालगाड़ी यहां नहीं रुके। हमलोगों ने कई बार अपने वरीय अधिकारियों को लोगों की परेशानियों के बारे में बताया। यह भी कहा कि लोग हमें धमकाते हैं। लेकिन हम कर भी सकते हैं। आदेश आता है फाटक बंद करने का तो फाटक बंद कर देते हैं।
आंदोलन की बन रही है रणनीति
इशाकचक-लालूचक आदि क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। इन लोगों का कहना है कि किसी भी दिन हमलोग रेलवे समपार के पास जाकर जोरदार हंगामा, धरना व प्रदर्शन करेंगे। ताकि कम से कम मालगाड़ी जो यहां बिना कारण के रुक जाती है, उसका रुकना बंद हो जाए। इन लोगों ने सुझाव दिया कि जब तक भोलानाथ फ्लाई ओवर और बौंसी लाइन फ्लाई ओवर का निर्माण नहीं हो जाता है, तब तक मालगाड़ी को सबौर रेलवे स्टशेन पर रोक दिया जाना चाहिए। जिस समय भागलपुर रेलवे जंक्शन पर जगह मिले, उस समय वहां से खोला जाए। या फिर इशाकचक-भीखनपुर रेलवे समपार के पास अगर मालगाड़ी खड़ी ही करनी है तो रेलवे समपार के गेट के पार होने के बाद किया जाए। चूंकि अभी जिस जगह मालगाड़ी रुकती है, उस जगह दो-तीन कोच फाटक के पास ही रह जाता है, जिस कारण फाटक नहीं खोला जाता। लोगों ने कहा कि मालगाड़ी के यहां नहीं रुकने से कम से कम 50 प्रतिशत परेशानी समाप्त हो जाएगी। इन लोगों ने रेल मंत्री से मांग की है कृपया इस पर ध्यान दें। इन लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय रेलवे के अधिकारियों को यात्रियों की परेशानी की कोई चिंता नहीं है।
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