जागरण टीम, मुजफ्फरपुर/दरभंगा। 23 वर्षों के बाद नियोजित शिक्षकों को प्रोन्नति मिलेगी। इसमें पंचायत, प्रखंड, नगर निगम, नगर परिषद और जिला परिषद नियोजन इकाई के तहत आने वाले शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए शिक्षकों को कम से कम 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करना जरूरी होगा।
ऐसे शिक्षकों को अगले वेतनमान में प्रोन्नति दिया जाएगा। इसको लेकर डीपीओ स्थापना इंद्र कुमार कर्ण ने सभी नियोजन इकाइयों के सदस्य सचिव को पत्र भेजा है।
कहा गया है कि अर्हता पूरी करने वाले शिक्षकों की सूची एक पखवाड़ा के भीतर बीइओ को उपलब्ध कराना है। जिला शिक्षा विभाग के निर्णय पर शिक्षकों ने हर्ष जताया है। इसमें बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव, श्रीकांत राय, राजेश कुमार राय, उमाशंकर प्रसाद, परिवर्तनकारी प्रारंभ शिक्षक संघ के प्रमंडलीय संगठन प्रभारी लखनलाल निषाद समेत अन्य शामिल हैं।
प्रोन्नति पर खुशी व्यक्त करने वालों में संजीव कुमार, जीतलाल राम, जयनारायण राम, संतोष यादव, जीतन सहनी, संजय कुमार समेत अन्य शामिल हैं।
शिक्षकों के साथ कर्मियों का अवकाश रद
दूसरी ओर, आगामी फरवरी माह में होने वाली बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा के स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त संचालन को देखते हुए सरकारी स्कूलों के शिक्षक तथा कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है।
डीईओ विद्यानंद ठाकुर ने आदेश जारी कर कहा है कि शिक्षक और कर्मचारी केवल सरकार के घोषित अवकाश का उपयोग कर सकते हैं।
प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी या डीपीओ आदि अपनी ओर से किसी का अवकाश स्वीकृत नहीं करेंगे। विशेष परिस्थिति में जिला शिक्षा कार्यालय में गठित समिति की अनुशंसा के आलोक में ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। बता दें कि इंटरमीडिएट की परीक्षा दो और मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से आरंभ होने जा रही है। |