मील कार्ड पर 1.05 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स छूट संभव
नई दिल्ली। छोटे-मोटे बेनेफिट पर टैक्स लगने से रोकने के लिए, इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) में मील कूपन, मील वाउचर, सोडेक्सो (प्लक्स) फूड कार्ड, या एम्प्लॉयर द्वारा अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले सब्सिडी वाले खाने पर सीमित टैक्स छूट दी गई है। पहले टैक्स छूट 50 रुपये प्रति मील तक थी, जिसका मतलब था कि अगर आपके एम्प्लॉयर ने आपको दिन में दो बार 50 रुपये का खाना दिया है (कुल 100 रुपये) तो उस पैसे पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा। मगर अब ड्राफ्ट टैक्स रूल्स, 2026 ने इस रकम को बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दिया है।
1.05 लाख रुपये तक पर छूट
ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 ने उन सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़े फायदे का प्रस्ताव रखा है, जिन्हें अपने ऑफिस कैंटीन या सोडेक्सो/प्लक्स, जैगल जैसे मील वाउचर से सब्सिडी वाला खाना मिलता है।
सुनने में तो 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये के खाने पर छूट बड़ी नहीं लग सकती, लेकिन कैलकुलेशन से पता चलता है कि अगर 200 रुपये की लिमिट को मंजूरी दी जाती है, तो कर्मचारियों को हर साल 1,05,600 रुपये तक टैक्स में छूट मिल सकती है।
समझ लीजिए कैलकुलेशन
अगर ड्राफ्ट टैक्स रूल्स, 2026 संसद से पास हो जाता है, तो टैक्स में छूट की लिमिट इस तरह होगी: 200 रुपये का हर मील × आम तौर पर 2 मील/दिन × 22 वर्किंग डेज = ₹8,800/महीना या ₹1,05,600/साल।
पुराने टैक्स सिस्टम में छूट
पुराने टैक्स सिस्टम में, मील कूपन, वाउचर वगैरह के लिए यह टैक्स बेनिफिट मिलता है। लेकिन, ड्राफ्ट टैक्स नियम सिर्फ पर्क्स (भत्तों) के वैल्यूएशन से जुड़े हैं। नए टैक्स सिस्टम में ऐसे टैक्स बेनिफिट मिलना इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार आखिर में इनकम-टैक्स एक्ट और नियमों में कैसे बदलाव करती है और जरूरी नोटिफिकेशन कैसे जारी करती है।
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