सीमांचल-मिथिलांचल को जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा शुरू
संवाद सूत्र, सरायगढ़ (सुपौल)। सीमांचल और मिथिलांचल के बीच बहुप्रतीक्षित सीधी रेल सेवा की शुरुआत बुधवार को हो गई। होली स्पेशल ट्रेन बुधवार को डिब्रूगढ़ से चलकर लगभग पांच घंटे की देरी से सरायगढ़ जंक्शन पहुंची और वहां से झंझारपुर के लिए रवाना हुई।
ट्रेन के सरायगढ़ पहुंचते ही स्टेशन पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबी दूरी की इस ट्रेन को देखने और स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहे।
यह पहली बार है जब सीमांचल और मिथिलांचल के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू हुई है। इस पहल से दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्टेशन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 05974 नंबर की यह होली स्पेशल ट्रेन 31 मार्च तक संचालित की जाएगी, जबकि 05973 नंबर की वापसी ट्रेन झंझारपुर से 1 अप्रैल को चलेगी। पहले दिन परिचालन में विलंब जरूर रहा, लेकिन यात्रियों और स्थानीय लोगों में इस सेवा को लेकर उत्साह कम नहीं दिखा।
इस सीधी ट्रेन सेवा के शुरू होने से इलाके के लोगों को खासा लाभ मिलने वाला है। सीमांचल और मिथिलांचल के हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और इलाज के लिए बाहर जाते हैं।
कई परिवार असम और सिलीगुड़ी सहित देश के अन्य हिस्सों में रहते हैं। अब उन्हें यात्रा के लिए बार-बार ट्रेन बदलने या लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोसी क्षेत्र के अनेक लोग इलाज के लिए सिलीगुड़ी तक जाते हैं, ऐसे में यह ट्रेन उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ट्रेन न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि व्यापार और सामाजिक संपर्क को भी मजबूती देगी। त्योहारों के समय घर आने-जाने में सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी।
यात्रियों ने रेल प्रशासन से आग्रह किया कि आगे चलकर इस सेवा को नियमित किया जाए और समय पालन में सुधार लाया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ लोगों को मिल सके।
कुल मिलाकर, सीमांचल और मिथिलांचल को जोड़ने वाली यह सीधी रेल सेवा क्षेत्रीय विकास और लोगों की सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। |