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गाय की गर्भ जांच अब सिर्फ एक बूंद खून से, निफ्टेम ने बनाई घरेलू किट

Chikheang 2025-10-16 04:08:11 views 1241
  

प्रतीकात्मक तस्वीर



संवाद सहयोगी जागरण, राई। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रसंस्करण संस्थान ने इस्तेमाल में सहज एक ऐसी घरेलू किट इजाद की है जिससे चंद सेकेंड में ही गाय की गर्भधारण स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। गाय के एक बूंद खून से ऐसी जांच संभव है। इस किट के इस्तेमाल से गाय को गर्भधारण जांच की परंपरागत एवं कष्टदायक तरीके से नहीं गुजरना पड़ेगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इस खोज से देश-विदेश के तमाम गौ-पालक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा संस्थान ने पनीर में मिलावट की जांच के लिए भी एक सहज-सामान्य और घरेलू किट बनाई है। इस किट का शीघ्र व्यवसायिक उत्पादन भी शुरू होने जा रहा है।

निफ्टेम के निदेशक डा हरविंदर सिंह ओबराय ने बताया कि एक ऐसी किट बनाई गई है जिससे गाय के गर्भधारण की स्थिति का तुरंत पता लग जाएगा। गाय के खून की एक बूंद से ही यह टेस्ट पूर्ण हो जाएगा। किसान गाय के गर्भधारण के 28वें दिन इस किट का इस्तेमाल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि परंपरागत तरीके से गर्भधारण की पुष्टि करने के लिए जो तरीका डाक्टर इस्तेमाल करते हैं वह गाय तथा भ्रूण दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। गाय के गर्भाश्य तक हाथ डालने से कई बार भ्रूण के नष्ट होने की आशंका रहती है। इस प्रक्रिया से गाय को कष्टदायक स्थिति से गुजरना पड़ता है। गाय के स्वास्थ्य के लिए भी यह प्रक्रिया कई बार ठीक नहीं रहती है।

डाॅ. ओबेराय ने बताया कि किट की प्रामाणिक जांच के लिए इसे मथुरा स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान में भेजा गया था। जहां जांच में इसे बेहद सटीक परिणाम देने वाली सहज प्रणाली बताया गया है। यहां से शीघ्र ही प्रमाणपत्र मिल जाएगा।

इसके अलावा स्थानीय स्तर पर एक बड़ी गौशाला में भी इसे प्रायोगिक परीक्षण के लिए भेजा गया जहां इसकी सटीकता की पुष्टि की गई है। उन्होंने बताया कि इस किट के औद्योगिक उत्पादन की प्रकिया शुरू करने के लिए स्वीकृति के लिए केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन को भेजा गया है।
किट से खुद कर सकेंगे पनीर की जांच

डाॅ. ओबेराय ने बताया कि खाद्य पदार्थों में पनीर के मिलावटी होने की खूब शिकायतें रहती हैं। मिलावटी पनीर जहां स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इसमें आमतौर पर पांच तरह के पदार्थों की मिलावट की जाती है, जिसमें यूरिया खाद का भी इस्तेमाल होता है जोकि सेहत के लिए खतरनाक है। अन्य पदार्थों की मिलावट से कई गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। पनीर में मिलावट जांचने के लिए जो किट बनाई गई है उससे चंद सेकेंड में ही मिलावट का पता चल जाता है।

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