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आज छोटी दीवाली, श्रीहनुमत जन्मोत्सव और नरक निवारण चतुर्दशी भी मनेगी; जानें पूजन का शुभ मुहूर्त

LHC0088 2025-10-19 10:37:17 views 1253
  

नरक निवारण चतुर्दशी का पर्व रविवार 19 अक्टूबर को ही मनाए जाएंगे।



जागरण संवाददाता, वाराणसी। शास्त्रों के अनुसार भगवान हनुमान का जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को सायंकाल मेष लग्न में हुआ था। इस बार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी 19 अक्टूबर रविवार को है। उस दिन शाम को एक घंटा, 37 मिनट मेष लग्न का योग मिलेगा। इस काल में भक्त मां अंजनी के लाल भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाएंगे और चना-लड्डू का विशेष प्रसाद चढ़ाएंगे। अगले दिन सोमवार को दीपावली की सुबह भी उदयातिथि में चौदस तिथि होने के कारण भक्तों को हनुमानजी का जन्मोपरांत दर्शन-पूजन करने का सौभाग्य मिलेगा और रूप चौदस का पर्व भी मनाया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि रविवार दोपहर 1:55 बजे चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी, जो अगले दिन सोमवार 20 अक्टूबर को दोपहर बाद 2:56 बजे तक रहेगी। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी में मेष लग्न रविवार को शाम 5:37 बजे से 7:14 बजे रहेगा। ऐसे में हनुमत जन्मोत्सव व नरक निवारण चतुर्दशी का पर्व रविवार 19 अक्टूबर को ही मनाए जाएंगे। हनुमत जन्मोत्सव के बाद चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्दशी को नरक निवारण चतुर्दशी के रूप में मनाया जाएगा। इसे छोटी दिवाली भी कहते हैं।

धनतेरस से आरंभ होने वाले दीप ज्योति पर्व श्रृंखला के दूसरे दिन प्रदोष काल में यानी सूर्यास्त के बाद दो घंटा, 24 मिनट के कालखंड में यम के नाम घर के बाहर चतुर्मुखी दीपक जलाने का विधान है। बीएचयू के ज्योतिष विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष पांडेय ने बताया कि परिवार को अकाल मृत्यु की दुर्घटना से बचाने के लिए नरक निवारण चतुर्दशी की रात यम के नाम चतुर्मुखी दीपक जलाने के बाद अगले दिन अमावस्या की प्रात:काल यम तर्पण का विधान करना चाहिए।

धनतेरस के अगले दिन चतुर्दशी को रूप यानी सौंदर्य धन की भी रक्षा का विधान है। इस बार उदयातिथि में चतुर्दशी सोमवार 20 अक्टूबर को मिलेगी, अत: रूप चौदस व यम तर्पण सोमवार को मनाया जाएगा।
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