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दीपावली पर मिलावटी घी-दूध: 80 में 30 सैंपल फेल... सेहत के साथ हाे रहा खिलवाड़

LHC0088 2025-10-19 20:07:31 views 1270
  

दूध व घी के नाम पर जिले में बिक रहा जहर, सेहत के साथ हाे रहा खिलवाड़



संवाद सहयोगी, जागरण. हाथरस। आप कहीं दूध, घी व पनीर का सेवन कर अपने शरीर में जान लेवा बीमारियों को तो जन्म नहीं दे रहे हैं। क्योंकि दीपावली को लेकर इन दिनों बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां लोगों के शरीर में पनप रही हैं। थोड़े से मुनाफे के चक्कर में दुकानदार व मिलावट खोर लोगों की सेहत से सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जिले में बड़े पैमाने पर हो रहा मिलावटी खाद्य सामग्री का कारोबार


  

बाजार में नकली घी, मिलावटी पनीर, दूध सहित ऐसे खाद्य पदार्थ बाजार में बिक रहे हैं, जो लोगों की सेहत के लिए घातक हैं और लोगों के शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर होती जा रही है। बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थ धड़ल्ले से बिक रहे हैं। शहर में किला गेट, घंटाटर, नवीपुर और अन्य स्थानों पर जमकर नकली घी बनाया जा रहा हैं।

  
दूध व घी के नाम पर जिले में बिक रहा जहर, सेहत के साथ हाे रहा खिलवाड़



दीपावली को लेकर शहर से लेकर कस्बों तक मिलावट का खेल चल रहा है। दूध और उसके बने उत्पाद, तेल और रिफाइंड में मोटा मुनाफा है। इसलिए इनमें खूब मिलावट करके लोगों की जेब पर डाका और स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। ये कारनामा अक्सर त्योहारी सीजन में ज्यादातर किया जाता है। इसी के चलते खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें भी एक्शन में रहती है और छापेमारी करती हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी और सैंपल की रिपोर्ट चैांकाने वाली है। दूध, दही, घी, खोआ, पनीर सभी में मिलावट है। यानी आप, जो बाजार से दूध, दही, घी, खोआ और पनीर खरीद कर खा रहे है। वो सफेद जहर है, जो सिंथेटिक है और उसमें पाम आयल की मिलावट है। जबकि हालात ऐसे हैं कि अप्रैल-सितंबर माह में माह में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 143 से अधिक मुकदमे दायर हो हुए। 80 लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि अभी तक किसी भी मिलावटखोर को सजा नहीं हुई है। सहायक आयुक्त खाद्य टू रणधीर सिंह के मुताबिक, मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रहा है, जो भी मिलावट करते पकड़ा जाता है। उसे कानूनी कार्रवाई के साथ ही लाखों रुपये का जुर्माना भी वसूला जाता था। दीपावली को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा। शहर से लेकर कस्बों तक मिलावट खोराें के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

80 दूध के सैंपल में 30 सैंपल फेल


  

सहायक आयुक्त खाद्य टू रणधीर सिंह ने कहा कि आप जो दूध पी रहे हैं। वो कितना शुद्ध है। यह जानना जरूरी है। बीते साल खाद्य सुरक्षा विभाग ने 500 से ज्यादा बार दूध, पनीर और खोआ (मावा) की जांच के लिए छापेमारी कार्रवाई की, जिसमें दूध के 80 सैंपल लिए गए। इस वित्तीय वर्ष में जनवरी-2025 तक दूध सैंपल की जांच में 30 सैंपल फेल आए हैं, जो मानक के अनुरूप नहीं रही हैं, जिनमें नियामानुसार फैट नहीं है। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष में खोआ के 55 सैंपल और पनीर के 56 सैंपल लिए गए हैं। इस साल जो खोआ और पनीर के सैंपल की रिपोर्ट आईं हैं। उनमें बीते वित्तीय वर्ष की कुछ रिपोर्ट शामिल हैं। इसलिए, इस वित्तीय वर्ष में पनीर के 16 सैंपल और खोआ के 17 सैंपल फेल हैं।



गिनी-चुनी कर रहा खाद्य विभाग कार्रवाई


जिले में मिलावटी खाद्य सामग्री का बाजार बेलगाम होता जा रहा है। शहर सहित जिले के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में नकली खाद्य सामग्री बनाने के अवैध कारखाने संचालित हैं। जिन पर मिलावटी कारोबार का पूरा खेल किया जा रहा है। खासकर सिंथेटिक दूध व मावे का अवैध कारोबार जिले में किया जा है। ग्रामीणों इलाकों में खुलेआम संचालित इन कारखानों पर प्रतिदिन हजारों किलो नकली दूध, पनीर व मावा तैयार कर बेचा जा रहा है।

कैंसर का खतरा


  


मिलावटी घी में ट्रांस फैट और अन्य हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकते हैं। इससे कोलेस्ट्राल का लेवल बढ़ सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। मिलावटी घी में कई बार हानिकारक केमिकल्स और एडिटिव्स का उपयोग किया जाता है, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। मिलावटी घी में मौजूद हानिकारक तत्व लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे इन अंगों की फंक्शन पर बुरा असर पड़ सकता है। मिलावटी घी को खाने से त्वचा पर रैशेज, खुजली, और अन्य एलर्जिक रिएक्शन हो सकती हैं। ये स्किन के लिए खराब साबित हो सकता है। डॉ. अवधेश, फिजिशियन


  




खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी रोकने के लिए टीमें जिले में लगातार छापेमारी करने को सक्रिय हैं। नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट में दूध, देसी घी, तेल आदि के नमूने फेल हो गए हैं। कई स्थानों पर दूध भी मिलावट निकला। मिलावटखोरों से बतौर जुर्माना 80 लाख 90 हजार रुपये वसूले गए हैं। रणधीर सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य टू
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