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दो करोड़ की लागत से सुधरेंगे राजीव गांधी खेल परिसर: पृथला, बंचारी, मंडकोला, अच्छेजा व खेड़ला खेल परिसर होंगे दुरुस्त

deltin33 2025-11-17 01:38:13 views 1238
  

फाइल फोटो।



कुलवीर चौहान, पलवल। बीते कई वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े राजीव गांधी खेल परिसरों की हालत सुधरने वाली है। करीब दो करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग पृथला, बंचारी, मंडकोला, अच्छेजा और खेड़ला में बने खेल परिसरों की मरम्मत का कार्य करेगा। ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ी बीते लंबे समय से इन परिसरों की हालत सुधारने की मांग कर रहे थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और तैयारी के लिए दूर दराज न जाना पड़े, इसके लिए जिले के पांच गांव में राजीव गांधी खेल परिसरों का निर्माण हुआ था। पृथला, बंचारी, मंडकोला, अच्छेजा और खेड़ला में खेल परिसर बनाए गए थे। उस समय दावा किया गया था कि खेल परिसरों में खो-खो, कबड्डी, एथलेटिक, फुटबाल, बास्केटबाल आदि का अब्यास हो सकेगा।

इनके निर्माण से आसपास के दर्जनों गांवों के खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। यह परिसर शुरू हुए तो खिलाड़ियों को उम्मीद जगी थी कि वह सभी तरीके के खेलों के प्रशिक्षण ले सकेंगे और अपना निरंतर अभ्यास भी कर सकेंगे। लेकिन देख-रेख के अभाव में धीरे-धीरे यह परिसर खंडहर में तब्दील होने लगे। कई तरह के जीव जंतु भी मंडराते रहते हैं।

खेल परिसरों में न कोच की नियुक्ति हुई, न ही खेल का सामान है और न ही खेलों की अन्य सुविधाएं। स्टेडियम में खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। इनडोर हाल के दरवाजे भी टूटे पड़े हैं। आवारा पशु हाल में घूमते रहते हैं। असामाजिक तत्व स्टेडियम परिसर में नशे का अड्डा बन चुका है।

स्टेडियम परिसर में जगह-जगह शराब की खाली बोतलें और कांच के टुकड़े पड़े दिख जाएंगे। मैदानों में पानी भारी हुआ है और ग्रामीणों ने गोबर के उपले पाथे जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेल परिसर के नाम पर इमारत खड़ी कर दी गई।

उदासीनता के चलते आज यह दिन प्रतिदिन जर्जर होता जा रहा है। इसकी बदतर हालात को देखते हुए युवाओं ने यहां खेलना भी छोड़ दिया है। युवा मजबूरी में पलवल या फरीदाबाद में अभ्यास करने जाते हैं।
खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने का हुआ असर

दैनिक जागरण ने खेल परिसरों की दुर्दशा की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की तो प्रभाव हुआ। इन परिसरों की हालत सुधारने के लिए दो करोड़ रुपये खेल विभाग की तरफ से लोक निर्माण विभाग को जारी किए गए हैं।

इस राशि से पांचों खेल परिसरों में टूटे हुए दरवाजे, खिड़कियां बदले जाएंगे, कमरों की मरम्मत का कार्य होगा, साथ ही परिसरों की बाहरी दीवारों और बाथरूमों की हालत भी सुधारी जाएगी। समाचार प्रकाशित होने के बाद खेल परिसर की मरम्मत कार्य की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।

कार्य पूरा होने से खिलाड़ियों को सहूलियत मिलेंगी। मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद यहां प्रशिक्षकों को नियुक्ति करने की तैयारी भी खेल विभाग द्वारा की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी करेगा विकास कार्य


“खेल परिसरों की मरम्मत के लिए दो करीब के करीब राशि खर्च होगी। पांच गांवों में बने खेल परिसरों की मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग करेगा। कार्य पूरा होने के बाद खिलाड़ी प्रशिक्षण से लेकर अभ्यास कर सकेंगे।“

-खुशवंत, जिला खेल अधिकारी


यह भी पढ़ें- बदहाली की गिरफ्त में राजीव गांधी खेल परिसर, लाखों की लागत के बाद भी अव्यवस्था की मिसाल बना स्टेडियम
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