सुबह कड़ाके की सर्दी, दोपहर को धूप, शाम को शीतलहर ठिठुरा रही (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, करनाल। जिले में शनिवार की सुबह जहां धुंध के बाद खिली धूप ने लोगों को कुछ राहत दी। वहीं, शाम को चली शीतलहर ने सर्दी का अहसास पूरी तरह से बनाए रखा। सुबह करीब 10 बजे सूर्य देव के दर्शन होते ही लोग घरों की छतों, पार्कों और खुले स्थानों पर धूप सेंकते नजर आए। ठंड से राहत पाने के लिए लोग धूप का सहारा लेते दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार, करनाल में अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 11 से 14 जनवरी तक शीतलहर और धुंध को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सर्दी से राहत के आसार कम हैं।
शनिवार की सुबह घनी धुंध ने अपना असर दिखाया। हाईवे और स्टेट हाईवे पर दृश्यता कम रहने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए और चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। हालांकि जैसे-जैसे धुंध छंटी, यातायात व्यवस्था सामान्य होती चली गई। कड़ाके की ठंड के चलते फिलहाल स्कूलों में सर्दियों का अवकाश चल रहा है।
इससे बच्चों को ठंड और धुंध में घर से बाहर निकलने की मजबूरी नहीं रही। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि सुबह के समय धुंध और ठंड बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। ठंड के चलते सुबह और देर शाम बाजारों में चहल-पहल कम नजर आई। लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौटते दिखाई दिए। वहीं अलाव के आसपास लोग सर्दी से बचाव करते नजर आए।
शीत लहर के कारण अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल के डाक्टर प्रदीप का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पानी से बचने और सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
जहां आम जनजीवन पर सर्दी का असर दिखाई दे रहा है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद साबित हो रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व अध्यक्ष डा. दलीप गोसाई के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यह ठंड बेहद अनुकूल है। ठंड और नमी के कारण फसल की बढ़वार अच्छी होती है। इससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। |
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