राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करते समय बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के अनुदान को लेकर गलत जानकारी दे गए।
उन्होंने अपने भाषण में इस योजना के तहत बेटियों को 1.01 लाख रुपये अनुदान दिए जाने की जानकारी दी जबकि समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि योजना के तहत एक लाख रुपये ही अनुदान दिया जाता है। इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए वर्ष 2017 से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में इसके तहत एक कन्या के विवाह पर 51 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता था। पिछले बजट में सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया था।
इस राशि में से 60 हजार रुपये सीधे कन्या के खाते में भेजे जाते हैं और 25 हजार रुपये का सामान युगल को उपहार स्वरूप दिया जाता है, जबकि 15 हजार रुपये सामूहिक विवाह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। सरकार ने इसकी पात्रता के लिए आय सीमा को भी दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख वार्षिक कर चुकी है।
इस संबंध में पिछले वर्ष 23 मई को शासनादेश जारी किया गया था। बुधवार को वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में पेज नंबर 28 पर समाज कल्याण विभाग संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सभी वर्गों की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दी गई है। हालांकि, अनुदान राशि में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी अभी नहीं हुई है। |