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एसआइटी द्वारा कब्जे में लिया गया झूला, सूरजकुंड थाने के बाहर। जागरण
हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। फरीदाबाद में सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में हुआ झूला हादसा प्रशासनिक अधिकारियों के गले की फांस बन गया है, जो उनके लिए न निगलते बन रहा है, न उगलते।
इस मामले की जांच के लिए प्रशासन की तरफ से गठित जांच समिति हादसे के पांच दिन बाद भी अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है, जबकि शुरू में दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने की बात हो रही थी।
इतना ही नहीं इस मामले की आपराधिक जांच के लिए पुलिस की तरफ से गठित एसआइटी के सवालों का जवाब भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं दे रहे हैं। न ही एसआइटी को झूले से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कारण पुलिस की तरफ से गठित एसआइटी की जांच भी प्रभावित हो रही है। एसआइटी अब अपने स्तर पर झूले से संबंधित दस्तावेज जुटाने की कोशिश में जुट गई है।
एसआइटी ने इन बिंदुओं पर मांगे जवाब
एसआइटी ने इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से झूले की एनओसी, टेंडर प्रक्रिया, मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, इंस्पेक्शन के लिए गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट, झूला लगाने से पहले मिट्टी की जांच रिपोर्ट, जिम्मेदार अधिकारियों के नाम जैसे बिंदुओं पर जवाब और संबंधित कागजात उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।
सूत्रों का कहना है कि मेले में झूला लगाने को लेकर बड़े स्तर पर लापरवाही हुई। बिना किसी एनओसी झूले लगवा दिए गए। झूलों का मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट नहीं देखा गया, इंस्पेक्शन कमेटी ने बिना किसी जांच के अनुमति दे दी, मिट्टी की कोई जांच नहीं की गई। इस सबकी जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की थी। खुद को बचाने के लिए अधिकारी एसआइटी को जवाब नहीं दे रहे हैं।
बेहद गंभीरता से हो रही जांच
वहीं, मुकदमा दर्ज होने के बाद उसमें हर तरह के सबूत एकत्र करना पुलिस की जिम्मेदारी बन जाती है, ऐसा न करने पर पुलिस अधिकारियों को अदालत में शर्मिंदा होना पड़ता है। इसलिए एसआइटी इस मामले की जांच बेहद गंभीरता से कर रही है और हर पहलु को जांच में शामिल करने की कोशिश में जुटी है।
बता दें कि सात फरवरी को सूरजकुंड मेले में सुनामी झूला टूटने से इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए दो जांच समिति बनी। इनमें एक कमेटी प्रशासन, दूसरी एसआइटी पुलिस की तरफ से गठित की गई। दोनों ही अलग-अलग जांच कर रही हैं।
झूले का ऑरेटर हुआ फरार
इस मामले में एसआइटी झूले के आपरेटर अदनान के खिलाफ भी सबूत एकत्र कर चुकी है। जैसे ही अदनान को पता चला कि एसआइटी उसे गिरफ्तार कर सकती है तो वह फरार हो गया। अब एसआइटी उसे ढूंढ रही है। इस मामले में पुलिस टेंडर हासिल करने वाले मोहम्मद शाकिर और नितेश को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
मुकेश मल्होत्रा, डीसीपी क्राइम। जागरण
एसआइटी हर पहलू पर जांच कर रही है। इसके लिए कागजात एकत्र किए जा रहे हैं। अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन से भी झूले के संबंध में कुछ जवाब और कागजात मांगे गए हैं। इन्हें मिलते ही जांच तेजी से आगे बढ़ेगी। - मुकेश मल्होत्रा, डीसीपी क्राइम |
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