नए कोर्ट परिसर में बम की सूचना के बाद कोर्ट परिसर में जमा अधिवक्ता।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। राज्य में न्यायालय परिसरों और न्यायाधीशों की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुख्यालय ने इनका सुरक्षा आडिट करने के साथ ही सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रोटोकाल लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
हालिया सुरक्षा परिदृश्य और संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को न्यायालय परिसरों की त्रुटिरहित सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। सुरक्षा डिट के माध्यम से कमियों की पहचान कर उनका तत्काल निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी मुरूगेशन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक जनपद के न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस और पीएसी बल को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों सहित तैनात किया जाए।
प्रवेश और निकासी द्वारों पर पहचान पत्र आधारित नियंत्रित प्रवेश प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही रोकी जा सके। परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कंट्रोल की व्यवस्था विकसित करने तथा आगंतुकों की प्रभावी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रतिदिन बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड द्वारा एंटी-सैबोटाज जांच कराई जाएगी।
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सभी परिसरों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी और उनकी कार्यशीलता की नियमित जांच भी अनिवार्य की गई है। इसके अतिरिक्त नियमित पैट्रोलिंग, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की चेकिंग और संवेदनशीलता को लेकर ब्रीफिंग पर जोर दिया गया है।
त्वरित प्रतिक्रिया के लिए क्विक रिस्पांस टीम को न्यायालय परिसरों के निकट तैयार अवस्था में रखने, समय-समय पर माक ड्रिल आयोजित करने तथा आपातकालीन निकास योजना तैयार रखने के निर्देश भी जारी हुए हैं। सभी जिलों से इन निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट शीघ्र मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। |
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