नई दिल्ली। सोने और चांदी आए दिन एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। बीते दिनों दोनों ने ही ऑल टाइम रिकॉर्ड बनाया है। चांदी में तो तूफानी तेजी है। पिछले साल ही चांदी ने निवेशकों को 180 फीसदी तक रिटर्न दिया है। लेकिन हमारे देश में सोना और चांदी सिर्फ निवेश के उद्देश्य से नहीं खरीदा जाता।
इसे लोग परंपरागत उद्देश्य से भी खरीदते हैं। ऐसे में बढ़ती कीमत की वजह से फिजिकल गोल्ड लेना मुश्किल हो रहा है। इसलिए लोग ये उम्मीद जता रहे हैं कि बजट आने के बाद सोने और चांदी की बढ़ती कीमत से उन्हें थोड़ी राहत मिल सकती है।
GST और ड्यूटी में राहत की उम्मीद
ये उम्मीद लगाई जा रही है कि सरकार घरेलू बजट उपभोक्ता पर ज्यादा से ज्यादा फोकस कर सकती है। इसके लिए सरकार जीएसटी और सोने में लगने वाली ड्यूटी पर राहत दे सकती है। मौजूदा समय में सोना खरीदने पर 3 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है।
अगर सरकार सोने से जुड़ी राहत देती है तो निवेशक फिजिकल गोल्ड खरीदने के लिए आकर्षित होंगे।
सोने और चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
23 जनवरी, शुक्रवार को वायदा बाजार पर एक बार फिर सोने और चांदी (Gold and Silver Price Hike) ने अपने बीते सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। सोने ने 159,226 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचकर ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड (Gold All Time High) बनाया। वहीं चांदी (Silver All Time High) ने भी 3,39,927 रुपये प्रति किलो पहुंचकर ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया।
अगले सप्ताह तेजी का अनुमान
वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में अगले सप्ताह मजबूती बने रहने का अनुमान है। कारोबारियों को ट्रेड टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर संबंधी फैसले का इंतजार है। विश्लेषकों के अनुसार कारोबारियों का ध्यान अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक फरवरी को पेश किए जाने वाले 2026-27 के केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) पर भी होगा, जो आयात शुल्क और राजकोषीय उपायों में बदलाव के माध्यम से घरेलू सोने के बाजार पर प्रभाव डाल सकता है। |
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