पुलिस टीम।
जागरण संवाददाता, मथुरा। ठगी के कारण बदनाम शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव जंघावली और विशंभरा में रविवार तड़के घेराबंदी कर छापेमारी में गिरफ्तार किए गए 34 ठगों को जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों गांव में कार्रवाई के अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें 80 नामजद किए हैं। फरार आरोपितों में दो हरियाणा व राजस्थान के निवासी हैं।
टीमों ने सोमवार को भी गांवों में जाकर खेतों में ठगों के ठिकाने तलाशें।जिले में गोवर्धन, बरसाना, छाता और शेरगढ़ थाना क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव साइबर ठगों के कारण बदनाम हैं। इन गांवों में 80 प्रतिशत से अधिक युवा ठगी का काम करते हैं।
मथुरा में 80 साइबर ठगों पर मुकदमा
रविवार सुबह एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में चार सीओ, एक एएसपी, 13 थाना प्रभारी और 240 पुलिसकर्मियों ने शेरगढ़ के गांव जंघावली और विशंभरा को एक साथ घेर कर छापेमारी की। पुलिस टीमों ने गांव जंघावली से 11 और गांव विशंभरा से 23 ठगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दोनों गांवों से 46 आरोपित फरार हो गए थे।
मथुरा में 80 साइबर ठगों पर मुकदमा, 46 की तलाश में जुटी चार टीमें
शेरगढ़ थाने में एसएसआई संजीव कुमार और दारोगा रविंद्र सिंह ने अलग-अलग 80 नामजद के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि 46 आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए साइबर, सर्विलांस, शेरगढ़ थाना समेत चार टीमें गठित की हैं।
दोष सिद्ध होने पर हो सकता है आजीवन कारावास
पुलिस ने साइबर ठगों पर प्रभावी कार्रवाई की है। इनके खिलाफ धारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318-4, 336-3, 338, 340-2, 111-3, 66-सी और 66-डी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। धारा 338 नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर गंभीर अपराध करने पर लगाई जाती है। इसमें आजीवन कारावास का प्रविधान है।
यह भी पढ़ें- साइबर ठगों पर मथुरा पुलिस का बड़ा प्रहार: सुबह-सुबह दबिश देकर 50 से अधिक किए गिरफ्तार; धरपकड़ से मची खलबली
यह भी पढ़ें- मथुरा: शराब पार्टी में मजदूरी के पैसों को लेकर विवाद, मजदूर की ईंटों से कुचलकर नृशंस हत्या; साथी घायल  |