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अपार आइडी हुई टेढ़ी खीर, प्रयागराज के निजी विद्यालय नहीं ले रहे रुचि, आइडी बनने के बाद छात्रों को काफी लाभ मिलेगा

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प्रयागराज में अपार आइडी बनाने की प्रक्रिया को लेकर निजी स्कूलों की गति धीमी है।



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एक राष्ट्र, एक छात्र आइडी के तहत नई शिक्षा नीति में 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान जारी करने की व्यवस्था है। इसे अपार आइडी अर्थात आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री का नाम दिया गया है। शासन स्तर से सख्त निर्देश है कि प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आइडी बनाई जाए। कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में इस दिशा में कार्य किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 13% की बननी शेष

संगम नगरी में परिषदीय स्कूलों ने तो काफी कुछ लक्ष्य प्राप्त कर लिया है, लेकिन प्रबंधन से जुड़े स्कूल इस कार्य में रुचि लेते नहीं दिख रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पंजीकृत 49398 विद्यार्थियों की अपार आइडी अभी बननी शेष है। यह कुल संख्या का 13 प्रतिशत है। इसी क्रम में प्रबंधन से जुड़े स्कूलों में 205390 विद्यार्थियों की आइडी बननी शेष है। यह आंकड़ा कुल छात्रों का 31.39 प्रतिशत है।  
अपार आइडी के फायदे

स्कूलों में बनने वाले इस अपार आइडी के लाभ की बात की जाए तो यह एकेडमिक रिकार्ड बनाए रखने के पुराने तरीकों से ज्यादा सुविधा जनक है। जैसे विद्यार्थी के पास अपार आइडी है तो उसे अपने सभी सर्टिफिकेट, मार्कशीट और दूसरे एक्स्ट्रा करिकुलर रिकार्ड भौतिक रूप से रखने की आवश्यकता नहीं है। जब कहीं भी प्रपत्रों को दिखाने की बात होगी तो यह 12 अंक का अपार आइडी दे दें। सभी चीजें आनलाइन चेक हो जाएंगी। उच्च शिक्षा के समय भी यह प्रभावी होगा। सभी रिकार्ड डिजिटली देखे जा सकेंगे। इसकी मदद से नकली या डुप्लीकेट प्रपत्र नहीं बनाए जा सकेंगे। अर्थात यह फ्राड रोकने में भी सहायक है।
अपार आइडी है तो रिकार्ड रखने की जरूरत नहीं

नेशनल मेंटर शतुंजय शर्मा का कहना है कि यह विद्यार्थी की मोबिलिटी को भी आसान बनाता है, एकेडमिक फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है। अपने लर्निंग पाथ चुनने में मदद करता है। डिजिटली लर्निंग अचीवमेंट्स को मानने और वैलिडेट करने की सुविधा देता है। यदि अपार आइडी है तो आप को भौतिक रूप से रिकार्ड रखने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
सर्टिफिकेट खोने या खराब होने की चिंता भी नहीं रहेगी

उन्होंने बताया कि आपको अपने एकेडमिक सर्टिफिकेट खोने, खराब होने या गलती से खराब होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यूनिवर्सिटी में एडमिशन के दौरान अपनी अपार आइडी सबमिट करने के अलावा, इसे प्रवेश परीक्षा, नौकरियों में आवेदन, स्किलिंग और अपस्किलिंग कोर्स के दौरान भी दिखा सकते हैं।

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